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    नवप्रवर्तन

    हरित पहल एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियाँ:

    विद्यालय ने परिसर को स्वच्छ, हरित एवं सतत बनाए रखने तथा विद्यार्थियों और कर्मचारियों में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए कई सराहनीय हरित पहल की हैं। सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के अंतर्गत, विद्यालय के सभी विद्यार्थी एवं कर्मचारी प्लास्टिक के शून्य उपयोग के सिद्धांत का पालन करते हैं, जिससे परिसर में प्लास्टिक कचरे को कम करने में योगदान मिलता है।

    विद्यालय के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने तथा गैर-जैव अपघटनीय सामग्रियों के उपयोग को न्यूनतम करने के लिए विभिन्न विद्यालयी कार्यक्रमों एवं आयोजनों में फ्लेक्स बैनर के स्थान पर हस्तनिर्मित एवं पुनः उपयोग किए जा सकने वाले बैनरों के प्रयोग को प्रोत्साहित किया जाता है।

    विद्यालय परिसर में हरित क्षेत्र एवं जैव विविधता को बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाता है। स्वस्थ एवं सुखद वातावरण का निर्माण करने के लिए हरित क्षेत्र, उद्यान तथा एक औषधीय उद्यान विकसित एवं अनुरक्षित किए गए हैं। विद्यार्थियों को पौधारोपण, बागवानी तथा प्रकृति-जागरूकता संबंधी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे वे पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में पेड़-पौधों एवं जैव विविधता के महत्व को समझ सकें।

    जल संरक्षण भी विद्यालय के प्रमुख केंद्रित क्षेत्रों में से एक है। विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल की बर्बादी को रोकने के प्रति जागरूक किया जाता है। विद्यालय जिम्मेदार जल-उपयोग की आदतों तथा इस बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन के संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देता है। जहाँ भी संभव हो, वर्षा जल संचयन एवं अन्य जल संरक्षण उपायों को भी प्रोत्साहित किया जाता है।

    विद्यालय में स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण किया जाता है, जिसके लिए विभिन्न प्रकार के कचरे हेतु अलग-अलग रंग के कूड़ेदान उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदार तरीके से कचरे के निपटान, पुनर्चक्रण, पुनः उपयोग तथा कचरे में कमी लाने के प्रति जागरूक किया जाता है। विद्यालय परिसर में एक वर्मीकम्पोस्ट गड्ढा भी विकसित किया गया है, जिसमें जैव-अवक्रमणीय कचरे को उपयोगी जैविक खाद में परिवर्तित किया जाता है तथा सतत कचरा प्रबंधन की कार्यप्रणाली को बढ़ावा दिया जाता है।

    विद्यालय पिछले पाँच वर्षों से ग्रीन स्कूल कार्यक्रम (GSP) के अंतर्गत आयोजित ग्रीन स्कूल ऑडिट में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। इस सहभागिता से विद्यालय को अपनी पर्यावरणीय कार्यप्रणालियों का आकलन करने तथा ऊर्जा संरक्षण, जल प्रबंधन, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र एवं जैव विविधता जैसे क्षेत्रों में निरंतर सुधार की संभावनाओं की पहचान करने का अवसर मिला है।

    हरित क्षेत्र, जैव विविधता, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, कचरा प्रबंधन तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी पर केंद्रित इन निरंतर प्रयासों के माध्यम से विद्यालय एक पर्यावरण-सचेत विद्यालय समुदाय के निर्माण तथा विद्यार्थियों को स्वच्छ, हरित एवं सतत भविष्य के लिए जिम्मेदार एवं टिकाऊ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित करने का प्रयास करता है।

    विद्यार्थियों को प्रख्यात वैज्ञानिकों के जीवन एवं उनकी प्रेरणादायक कहानियों से परिचित कराने तथा उनसे प्रेरणा लेने के उद्देश्य से 30वें केवीएस राष्ट्रीय स्तर के एनसीएससी कार्यक्रम के दौरान “वैज्ञानिकों की दीवार” का उद्घाटन किया गया।

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